शेयर बाजार में आज सुबह से ही एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। ट्रेड डील की खबर आते ही इस एक्सपोर्ट आधारित कंपनी के शेयर में सीधे 20% का अपर सर्किट लग गया। जैसे ही बाजार खुला, खरीदने वालों की लाइन लग गई और कुछ ही मिनटों में स्टॉक ऊपरी सर्किट पर पहुंच गया निवेशकों के बीच अचानक बढ़ा यह भरोसा दिखाता है कि ग्लोबल बाजार से जुड़ी खबरें भारतीय शेयरों पर कितना असर डालती हैं। खास बात यह है कि कंपनी लंबे समय से अमेरिकी बाजार में अपना मजबूत नेटवर्क बना चुकी है और अब नई ट्रेड डील ने इसके कारोबार को और गति देने का संकेत दिया है।
ट्रेड डील से क्यों आई इतनी बड़ी तेजी?
बताया जा रहा है कि कंपनी ने US की एक बड़ी फर्म के साथ सप्लाई बढ़ाने को लेकर नई ट्रेड डील की है। इस समझौते के तहत आने वाले महीनों में एक्सपोर्ट ऑर्डर बढ़ सकते हैं, जिससे कंपनी की कमाई में सीधा फायदा होगा बाजार के जानकार मानते हैं कि जब किसी कंपनी को विदेशी बाजार से लगातार ऑर्डर मिलते हैं तो उसकी कमाई ज्यादा स्थिर मानी जाती है। यही वजह है कि निवेशकों ने बिना देर किए इस स्टॉक पर दांव लगा दिया।सुबह के कारोबार में ही शेयर में इतनी तेज खरीदारी दिखी कि बेचने वाले लगभग गायब हो गए। ट्रेडिंग स्क्रीन पर सिर्फ खरीदार नजर आ रहे थे, जो किसी भी कीमत पर स्टॉक लेना चाहते थे।
US को क्या बेचती है कंपनी?
यह कंपनी मुख्य रूप से एक खास इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट और हाई-डिमांड मटेरियल US को एक्सपोर्ट करती है, जिसका इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग और एडवांस टेक्नोलॉजी सेक्टर में होता है। पिछले कुछ सालों में अमेरिका में इस प्रोडक्ट की मांग तेजी से बढ़ी है।विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह ट्रेड डील लंबे समय तक चलती है, तो कंपनी के रेवेन्यू में मजबूत उछाल देखा जा सकता है। एक्सपोर्ट बढ़ने का मतलब है ज्यादा विदेशी मुद्रा और बेहतर मार्जिन कंपनी पहले भी क्वालिटी और समय पर डिलीवरी के लिए जानी जाती रही है। यही भरोसा अब नए ऑर्डर में बदलता दिखाई दे रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
20% का अपर सर्किट लगना सिर्फ एक दिन की कहानी नहीं माना जा रहा। कई ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि अगर कंपनी इस ट्रेड डील का पूरा फायदा उठाने में सफल रहती है, तो स्टॉक में आगे भी मजबूती बनी रह सकती है।हालांकि बाजार के जानकार यह भी सलाह दे रहे हैं कि तेज उछाल के बाद अक्सर मुनाफावसूली देखने को मिलती है। इसलिए नए निवेश से पहले कंपनी के फंडामेंटल और वैल्यूएशन जरूर देखना चाहिए।लंबी अवधि के निवेशक आमतौर पर ऐसी कंपनियों को पसंद करते हैं जिनका बिजनेस सिर्फ घरेलू बाजार पर निर्भर नहीं होता। एक्सपोर्ट आधारित कंपनियां ग्लोबल ग्रोथ का फायदा उठा सकती हैं।
शेयर बाजार पर ग्लोबल खबरों का असर
आज की तेजी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अंतरराष्ट्रीय समझौते भारतीय बाजार की दिशा बदल सकते हैं। जैसे ही ट्रेड डील की जानकारी सामने आई, पूरे सेक्टर के शेयरों में हलचल बढ़ गई विशेषज्ञ कहते हैं कि आने वाले समय में भारत की कई कंपनियां विदेशी बाजारों पर ज्यादा फोकस कर रही हैं। सरकार भी एक्सपोर्ट बढ़ाने पर जोर दे रही है, जिससे ऐसे समझौते और बढ़ सकते हैं।अगर ग्लोबल डिमांड मजबूत रहती है, तो एक्सपोर्ट सेक्टर निवेशकों के लिए बड़ा मौका बन सकता है।
आगे क्या रह सकता है ट्रिगर?
अब निवेशकों की नजर कंपनी की अगली तिमाही के नतीजों पर रहेगी। अगर ऑर्डर बुक मजबूत दिखती है और मैनेजमेंट पॉजिटिव गाइडेंस देता है, तो स्टॉक में नई तेजी आ सकती है।फिलहाल बाजार का साफ संदेश है—जहां ग्रोथ की उम्मीद दिखती है, वहां पैसा तेजी से पहुंचता है। और इस बार ट्रेड डील ने वही काम किया है।कुल मिलाकर, एक खबर ने इस कंपनी को बाजार का स्टार बना दिया है। आने वाले दिनों में यह तेजी टिकती है या नहीं, यह कंपनी के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। लेकिन इतना तय है कि फिलहाल इस स्टॉक ने निवेशकों का ध्यान पूरी तरह अपनी ओर खींच लिया है।
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