US में 0% टैरिफ ट्रेड डील पर पीयूष गोयल का बयान, दवाइयां और डायमंड को होगा बड़ा फायदा
Shubham Chaudhary February 12, 2026 0
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। US में 0% टैरिफ ट्रेड डील पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का बयान चर्चा में है। अगर यह डील पूरी तरह लागू होती है, तो भारत से जाने वाली कई चीजें बिना किसी अतिरिक्त टैक्स के अमेरिकी बाजार में पहुंच सकेंगी सबसे खास बात यह है कि इस सूची में दवाइयां, डायमंड और मसाले जैसे ऐसे प्रोडक्ट शामिल हैं, जिनकी दुनिया भर में पहले से ही मजबूत मांग है। यानी भारतीय कारोबारियों के लिए यह मौका कमाई का नया दरवाजा खोल सकता है।
क्या है US में 0% टैरिफ ट्रेड डील
US में 0% टैरिफ ट्रेड डील का मतलब सीधा है भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले कुछ प्रोडक्ट्स पर कोई इंपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। आम तौर पर जब कोई देश दूसरे देश से सामान मंगाता है, तो उस पर टैक्स लगता है। लेकिन इस डील के तहत कुछ सेक्टर को राहत मिल सकती है।पीयूष गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार को आसान और तेज बनाने पर लगातार काम हो रहा है। उनका मानना है कि यह कदम सिर्फ एक्सपोर्ट नहीं बढ़ाएगा, बल्कि भारत की ग्लोबल ट्रेड में पकड़ भी मजबूत करेगा।
किन सेक्टर को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
सबसे बड़ा फायदा फार्मा सेक्टर को मिल सकता है। भारत पहले ही दुनिया का बड़ा जेनेरिक दवा सप्लायर है। अगर दवाइयां बिना टैरिफ के अमेरिका पहुंचती हैं, तो वहां कीमतें प्रतिस्पर्धी रहेंगी और ऑर्डर बढ़ सकते हैं डायमंड इंडस्ट्री के लिए भी यह राहत भरी खबर है। सूरत जैसे शहर पहले से ही डायमंड कटिंग और पॉलिशिंग के ग्लोबल हब हैं। 0% टैरिफ मिलने से भारतीय हीरों की मांग और तेज हो सकती है मसालों की बात करें तो भारतीय मसाले अमेरिका में तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। बिना टैक्स के एक्सपोर्ट होने पर छोटे और मध्यम कारोबारियों को भी बड़ा मौका मिलेगा।
कारोबारियों के लिए क्यों अहम है यह डील
विशेषज्ञ मानते हैं कि US में 0% टैरिफ ट्रेड डील लागू होने से भारतीय प्रोडक्ट्स की कीमतें अमेरिकी बाजार में कम रहेंगी। जब कीमत कम और क्वालिटी बेहतर होगी, तो स्वाभाविक है कि मांग बढ़ेगी इसका सीधा असर रोजगार पर भी पड़ सकता है। एक्सपोर्ट बढ़ेगा तो फैक्ट्रियों में उत्पादन बढ़ेगा, जिससे नए जॉब्स पैदा हो सकते हैं। खासकर टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और फार्मा जैसे सेक्टर में इसका असर जल्दी दिख सकता है।
भारत-अमेरिका ट्रेड रिश्तों में नया मोड़
पिछले कुछ सालों में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार तेजी से बढ़ा है। दोनों देश एक-दूसरे के बड़े ट्रेड पार्टनर बन चुके हैं। ऐसे में US में 0% टैरिफ ट्रेड डील को रिश्तों में नए मोड़ के तौर पर देखा जा रहा है पीयूष गोयल ने यह भी संकेत दिया कि सरकार का फोकस सिर्फ बड़े उद्योगों पर नहीं, बल्कि MSME सेक्टर को ग्लोबल बाजार से जोड़ने पर भी है। अगर छोटे उद्योग सीधे अमेरिका में सामान बेच पाएंगे, तो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
क्या हैं आगे की चुनौतियां
हालांकि तस्वीर पूरी तरह आसान नहीं है। किसी भी ट्रेड डील में क्वालिटी स्टैंडर्ड, रेगुलेशन और सप्लाई चेन जैसी चुनौतियां रहती हैं। भारतीय कंपनियों को अमेरिकी नियमों का सख्ती से पालन करना होगा इसके अलावा, प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी क्योंकि दूसरे देश भी अमेरिकी बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में रहते हैं। ऐसे में भारतीय कंपनियों को कीमत के साथ-साथ क्वालिटी पर भी पूरा ध्यान देना होगा।
आम लोगों पर क्या होगा असर
पहली नजर में यह डील सिर्फ कारोबारियों के लिए लग सकती है, लेकिन इसका फायदा आम लोगों तक भी पहुंच सकता है। एक्सपोर्ट बढ़ने से रुपये की स्थिति मजबूत हो सकती है और देश की अर्थव्यवस्था को सहारा मिलेगा अगर उद्योग बढ़ते हैं, तो रोजगार के नए मौके बनेंगे। यानी अप्रत्यक्ष तौर पर यह कदम आर्थिक ग्रोथ को तेज कर सकता है।
सरकार का बड़ा संकेत
पीयूष गोयल के बयान से साफ है कि भारत अब आक्रामक तरीके से ग्लोबल ट्रेड में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहता है। US में 0% टैरिफ ट्रेड डील इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।आने वाले महीनों में अगर यह डील पूरी तरह आकार लेती है, तो भारत के एक्सपोर्ट सेक्टर के लिए यह गेमचेंजर साबित हो सकती है। दवाइयां हों, डायमंड या मसाले भारतीय प्रोडक्ट्स का दबदबा अमेरिकी बाजार में और मजबूत होता नजर आ सकता है।
