सोना, चांदी और क्रिप्टो में आई तेज गिरावट ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। लेकिन इसी हलचल के बीच अब सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है क्या जल्द ही शेयर बाजार में तेजी देखने को मिलेगी पिछले कुछ दिनों में ग्लोबल मार्केट से लेकर घरेलू बाजार तक उतार-चढ़ाव का माहौल रहा। सुरक्षित माने जाने वाले गोल्ड और सिल्वर तक दबाव में आ गए, जबकि क्रिप्टो ने भी कई निवेशकों को झटका दिया। ऐसे में पैसा आखिर जाएगा कहां एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसका जवाब शेयर बाजार हो सकता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जब दूसरे एसेट क्लास कमजोर पड़ते हैं तो निवेशकों का रुख इक्विटी की तरफ बढ़ता है। यही वजह है कि अब धीरे-धीरे शेयर बाजार में तेजी के संकेत दिखने लगे हैं विशेषज्ञ बताते हैं कि कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। बैंकिंग, ऑटो और आईटी जैसे सेक्टर में खरीदारी लौट रही है। विदेशी निवेशक भी बिकवाली कम कर रहे हैं, जो बाजार के लिए पॉजिटिव संकेत माना जाता है।इसके अलावा महंगाई में हल्की नरमी और ब्याज दरों को लेकर स्थिरता की उम्मीद भी बाजार को सपोर्ट दे रही है। अगर यही ट्रेंड जारी रहता है, तो आने वाले हफ्तों में इंडेक्स ऊपर की ओर जा सकते हैं।
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह मुनाफावसूली को माना जा रहा है। जब कीमतें लगातार ऊपर जाती हैं तो बड़े निवेशक फायदा बुक करते हैं, जिससे रेट नीचे आते हैं।क्रिप्टो की बात करें तो यह मार्केट हमेशा से ज्यादा वोलाटाइल रहा है। रेगुलेशन की खबरें, ग्लोबल इकोनॉमिक टेंशन और बड़े निवेशकों की चाल इन सबका असर तुरंत दिखता है। यही कारण है कि हालिया गिरावट ने छोटे निवेशकों को डरा दिया अब कई लोग सुरक्षित और स्थिर रिटर्न की तलाश में हैं, जिससे शेयर बाजार में तेजी की संभावना और मजबूत होती दिख रही है।
एक्सपर्ट्स साफ कहते हैं घबराकर फैसले लेना सबसे बड़ी गलती होती है। बाजार गिरता है, फिर संभलता है और आगे बढ़ता है। इसलिए लॉन्ग टर्म सोच रखने वाले निवेशकों के लिए यह समय मौके जैसा हो सकता है हालांकि आंख बंद करके निवेश करने की सलाह कोई नहीं दे रहा। अच्छी कंपनियों का चुनाव, सही सेक्टर पर नजर और धीरे-धीरे पैसा लगाना बेहतर रणनीति मानी जा रही है।मार्केट जानकारों का यह भी कहना है कि अगर ग्लोबल हालात ज्यादा नहीं बिगड़े, तो इस साल के दूसरे हिस्से में शेयर बाजार में तेजी और साफ नजर आ सकती है।
विश्लेषकों के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रोथ की उम्मीद है। सरकार के खर्च और प्राइवेट निवेश बढ़ने से इन क्षेत्रों को फायदा मिल सकता है।टेक्नोलॉजी और ग्रीन एनर्जी से जुड़ी कंपनियां भी लंबे समय में अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं। यानी निवेशकों के पास विकल्प कम नहीं हैं बस समझदारी से कदम उठाने की जरूरत है।
यह सवाल हर निवेशक के मन में है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि परफेक्ट टाइम कोई नहीं पकड़ सकता। लेकिन जब डर ज्यादा होता है, तब अक्सर बड़े निवेशक एंट्री करते हैं।अगर छोटे-छोटे हिस्सों में निवेश किया जाए तो जोखिम कम किया जा सकता है। यही रणनीति कई प्रोफेशनल निवेशक अपनाते हैं।
फिलहाल बाजार में अनिश्चितता जरूर है, लेकिन पूरी तस्वीर नकारात्मक नहीं है। इकोनॉमी की ग्रोथ, कंपनियों की कमाई और निवेश का फ्लो—ये तीन फैक्टर अगर मजबूत रहते हैं, तो शेयर बाजार में तेजी सिर्फ उम्मीद नहीं बल्कि हकीकत बन सकती है निवेशकों के लिए संदेश साफ है शोर से दूर रहें, डेटा पर भरोसा करें और लंबी अवधि का नजरिया बनाए रखें। क्योंकि बाजार का इतिहास बताता है कि गिरावट के बाद ही अक्सर नई तेजी शुरू होती है।
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