Budget 2026 में सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। सस्ती CNG को बढ़ावा देने के लिए बायोगैस पर एक्साइज ड्यूटी हटाने का ऐलान किया गया है। इसका सीधा असर उन करोड़ों लोगों पर पड़ेगा जो रोज़ाना अपनी गाड़ी से सफर करते हैं लगातार बढ़ते पेट्रोल और डीजल के दाम के बीच यह कदम राहत की खबर माना जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में गाड़ी चलाने का खर्च कम होगा और लोगों का झुकाव CNG की तरफ और तेज़ी से बढ़ सकता है।
सरकार का साफ कहना है कि वह देश में साफ ईंधन को बढ़ावा देना चाहती है। इसी सोच के साथ बायोगैस पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी हटा दी गई है। इसका मतलब है कि अब बायोगैस बनाना सस्ता होगा और जब उत्पादन सस्ता होगा तो उसका फायदा CNG की कीमतों पर भी दिख सकता है ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला सिर्फ कीमत कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे देश में वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल भी बढ़ेगा। अगर सप्लाई मजबूत हुई तो सस्ती CNG लंबे समय तक लोगों को राहत दे सकती है।
आज के समय में गाड़ी चलाना किसी भी परिवार के बजट का बड़ा हिस्सा बन चुका है। ऑफिस जाना हो, बच्चों को स्कूल छोड़ना हो या रोज़मर्रा के काम—हर जगह ईंधन पर खर्च होता है अगर CNG की कीमतों में गिरावट आती है तो हर महीने हजारों रुपये की बचत संभव है। खासकर उन लोगों के लिए जो टैक्सी, ऑटो या कमर्शियल गाड़ियां चलाते हैं, यह फैसला काफी फायदेमंद साबित हो सकता है माना जा रहा है कि सस्ती CNG का असर सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। छोटे शहरों में भी CNG नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा है, जिससे ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सकता है।
यह फैसला सिर्फ जेब के लिए अच्छा नहीं है, बल्कि पर्यावरण के लिहाज से भी अहम है। CNG और बायोगैस, पेट्रोल और डीजल के मुकाबले कम प्रदूषण फैलाते हैं सरकार लंबे समय से ग्रीन एनर्जी पर जोर दे रही है। बायोगैस को बढ़ावा देने से खेतों और जैविक कचरे का बेहतर इस्तेमाल होगा। इससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी और शहरों की हवा भी कुछ हद तक साफ हो सकती है यानी सस्ती CNG का फायदा दोहरा है—एक तरफ खर्च कम होगा, दूसरी तरफ पर्यावरण को राहत मिलेगी।
ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए भी यह खबर उत्साह बढ़ाने वाली है। जब ईंधन सस्ता होता है तो लोग नई गाड़ियां खरीदने का फैसला जल्दी लेते हैं पहले ही कई कंपनियां CNG मॉडल्स पर फोकस बढ़ा चुकी हैं। अगर कीमतें और नीचे आती हैं तो CNG कारों और किट की मांग में तेजी आ सकती है डीलर्स का कहना है कि पिछले कुछ सालों में लोगों का भरोसा CNG पर बढ़ा है, और अब सस्ती CNG इस ट्रेंड को और मजबूत कर सकती है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस फैसले का असर तुरंत कीमतों पर दिखेगा? एक्सपर्ट्स का कहना है कि कीमतों में बदलाव थोड़ा समय ले सकता है क्योंकि यह सप्लाई चेन और वितरण पर भी निर्भर करता है हालांकि, संकेत साफ हैं कि सरकार ईंधन को किफायती बनाने के मूड में है। अगर आने वाले महीनों में उत्पादन बढ़ता है, तो उपभोक्ताओं को राहत मिलना तय माना जा रहा है।
Budget 2026 के इस कदम को सिर्फ एक टैक्स बदलाव के रूप में नहीं देखा जा रहा। यह देश को साफ और सस्ते ईंधन की तरफ ले जाने की बड़ी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इसी तरह नीतियां बनती रहीं तो आने वाले वर्षों में पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम हो सकती है। इससे देश का इंपोर्ट बिल भी घटेगा और ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी फिलहाल इतना तय है कि Budget 2026 ने संकेत दे दिया है—आने वाला समय उन लोगों के लिए बेहतर हो सकता है जो कम खर्च में गाड़ी चलाना चाहते हैं। सस्ती CNG अब सिर्फ एक उम्मीद नहीं, बल्कि हकीकत बनने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
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