रोजाना खाने में इस्तेमाल होने वाला घी सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि सेहत पर भी सीधा असर डालता है। लेकिन बाजार में इतने विकल्प हैं कि अक्सर सवाल उठता है सबसे अच्छा देसी घी आखिर कौन सा है न्यूट्रिशनिस्ट मानते हैं कि अगर सही घी चुना जाए तो यह पाचन सुधारने, इम्युनिटी मजबूत करने और शरीर को जरूरी फैट देने में मदद करता है। वहीं गलत घी से वजन बढ़ना, कोलेस्ट्रॉल और दिल की दिक्कतें भी हो सकती हैं। इसलिए घी खरीदते समय सिर्फ ब्रांड नहीं, उसकी क्वालिटी समझना बेहद जरूरी है।
पहली बात आती है घी के सोर्स की। एक्सपर्ट कहते हैं कि हमेशा गाय के दूध से बना घी ज्यादा हल्का और पचने में आसान माना जाता है। खासकर देशी गाय का घी, जिसमें प्राकृतिक पोषक तत्व ज्यादा होते हैं। भैंस का घी थोड़ा भारी होता है, इसलिए जिन लोगों को पाचन की समस्या रहती है, उन्हें सोच-समझकर इस्तेमाल करना चाहिए।दूसरी अहम बात है बनाने का तरीका। पारंपरिक बिलौना विधि से तैयार घी को अक्सर सबसे अच्छा देसी घी माना जाता है। इस प्रक्रिया में दही से मक्खन निकाला जाता है और फिर उसे गर्म करके घी बनाया जाता है। माना जाता है कि इस तरीके से बने घी में विटामिन A, D, E और K बेहतर मात्रा में बने रहते हैं।
तीसरी और बेहद जरूरी सलाह है शुद्धता की पहचान। आजकल कई जगह मिलावटी घी की शिकायतें आती रहती हैं। न्यूट्रिशनिस्ट कहते हैं कि घी की खुशबू प्राकृतिक होनी चाहिए, रंग हल्का पीला और जमने पर दानेदार टेक्सचर दिखे तो समझिए आप सही दिशा में हैं। बहुत ज्यादा चमकीला या एकदम सफेद घी होने पर सावधान रहना चाहिए।
अगर सही मात्रा में खाया जाए तो घी शरीर के लिए सुपरफूड जैसा काम करता है। इसमें मौजूद हेल्दी फैट्स शरीर को ऊर्जा देते हैं और दिमाग के कामकाज को भी सपोर्ट करते हैं। यही वजह है कि कई न्यूट्रिशनिस्ट डाइट में थोड़ी मात्रा में सबसे अच्छा देसी घी शामिल करने की सलाह देते हैं घी में मौजूद ब्यूटिरिक एसिड आंतों की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और सूजन कम करने में मदद कर सकता है। वहीं सर्दियों में घी खाने से त्वचा में नमी बनी रहती है और जोड़ों में जकड़न कम महसूस होती है।हालांकि एक्सपर्ट यह भी साफ कहते हैं कि “ज्यादा घी ज्यादा फायदा” बिल्कुल सही सोच नहीं है। जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर कैलोरी बढ़ती है, जिससे वजन तेजी से बढ़ सकता है।
आजकल लोग कन्फ्यूज रहते हैं कि पैक्ड घी लें या लोकल डेयरी से खुला घी खरीदें। एक्सपर्ट मानते हैं कि अगर भरोसेमंद डेयरी है तो खुला घी अच्छा हो सकता है, लेकिन बिना जांचे-परखे खरीदना रिस्क भरा है।पैक्ड घी में FSSAI जैसे सर्टिफिकेशन देखना जरूरी है। लेबल पर “A2”, “बिलौना” या “ऑर्गेनिक” लिखा होना मददगार हो सकता है, लेकिन सिर्फ लिखे होने से भरोसा न करें ब्रांड की साख भी देखें।
कई लोग फिट रहने के चक्कर में घी पूरी तरह छोड़ देते हैं, जबकि कुछ लोग इसे जितना चाहें उतना खा लेते हैं। सही तरीका है बैलेंस। आमतौर पर एक से दो चम्मच घी रोजाना काफी माना जाता है, लेकिन यह आपकी लाइफस्टाइल और एक्टिविटी पर भी निर्भर करता है।याद रखें, सबसे अच्छा देसी घी वही है जो शुद्ध हो, सही तरीके से बना हो और सीमित मात्रा में खाया जाए।
ये भी पढे :ढाबा पराठा मसाला: घर के पराठों में लाएं ढाबे जैसा स्वाद, जानें आसान तरीका
भारत में इलेक्ट्रिक कारों की रेस अब और तेज होने वाली है। लग्जरी कार बनाने…
कई बार जिंदगी और मौत के बीच सिर्फ समय खड़ा होता है। सड़क जाम हो,…
भारत में ऑफरोडिंग और एडवेंचर गाड़ियों के शौकीनों के लिए बड़ी खबर सामने आई है।…
भारत की ऑटोमोबाइल मार्केट में एक और बड़ी एंट्री हो गई है। Volkswagen Tayron India…
देश में पेट्रोल को लेकर बड़ा बदलाव शुरू हो चुका है और अब इसका असर…
भारत के टू-व्हीलर बाजार में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। जिस…