देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेज रफ्तार देने के लिए सरकार ने इस बार बजट में बड़ा कदम उठाया है। PM E-Drive स्कीम के लिए 1,500 करोड़ रुपये का ऐलान किया गया है, जिससे साफ है कि सरकार अब पेट्रोल-डीजल से आगे बढ़कर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर पूरा जोर देना चाहती है माना जा रहा है कि इस फैसले से ना सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री बढ़ेगी, बल्कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत होगा। यानी आने वाले समय में EV खरीदना पहले से ज्यादा आसान हो सकता है।
PM E-Drive स्कीम का मकसद देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ाना और प्रदूषण कम करना है। सरकार चाहती है कि लोग धीरे-धीरे पारंपरिक ईंधन वाली गाड़ियों से हटकर EV की तरफ शिफ्ट हों इस स्कीम के तहत चार्जिंग स्टेशन लगाने, नई टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने और EV इकोसिस्टम तैयार करने पर खास ध्यान दिया जाएगा। एक्सपर्ट मानते हैं कि अगर चार्जिंग की सुविधा बढ़ती है तो लोगों का भरोसा भी तेजी से बढ़ेगा सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब देश के कई बड़े शहर प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना इस चुनौती से निपटने का एक बड़ा रास्ता माना जा रहा है।
बजट में किए गए इस ऐलान का सबसे बड़ा असर आम ग्राहकों पर पड़ सकता है। अगर PM E-Drive स्कीम के तहत सब्सिडी या सपोर्ट बढ़ता है, तो इलेक्ट्रिक गाड़ियों की कीमतें धीरे-धीरे कम हो सकती हैं इसके अलावा ज्यादा चार्जिंग स्टेशन बनने से लंबी दूरी की यात्रा को लेकर लोगों की चिंता भी कम होगी। अभी कई लोग सिर्फ इसलिए EV नहीं खरीदते क्योंकि उन्हें चार्जिंग की सुविधा को लेकर भरोसा नहीं होता ऑटो सेक्टर से जुड़े जानकारों का कहना है कि अगर सरकार लगातार ऐसे निवेश करती रही, तो भारत दुनिया के बड़े EV मार्केट्स में शामिल हो सकता है।
सरकार के इस फैसले से ऑटोमोबाइल कंपनियों को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। PM E-Drive स्कीम से कंपनियों को नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां लॉन्च करने का भरोसा मिलेगा और रिसर्च पर निवेश बढ़ेगा पिछले कुछ सालों में कई कंपनियों ने इलेक्ट्रिक सेगमेंट में एंट्री की है, लेकिन अब मुकाबला और तेज होने वाला है। ज्यादा विकल्प आने से ग्राहकों को बेहतर फीचर्स और कीमत मिल सकती है इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह फंडिंग सिर्फ आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाले 5–10 साल की तैयारी है।
EV अपनाने में सबसे बड़ी बाधा चार्जिंग नेटवर्क की कमी रही है। ऐसे में PM E-Drive स्कीम के तहत इस क्षेत्र में निवेश बेहद अहम माना जा रहा है अगर हाईवे, शहरों और टियर-2 शहरों में तेजी से चार्जिंग स्टेशन लगते हैं, तो इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल कई गुना बढ़ सकता है। इससे लॉन्ग ड्राइव भी आसान होगी और कमर्शियल वाहनों में भी EV की हिस्सेदारी बढ़ेगी सरकार का फोकस अब सिर्फ गाड़ियां बेचने पर नहीं, बल्कि पूरा इकोसिस्टम तैयार करने पर दिख रहा है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना सिर्फ ट्रांसपोर्ट की बात नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण से भी जुड़ा मुद्दा है। पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम होने से कार्बन उत्सर्जन घटेगा और शहरों की हवा साफ हो सकती है भारत ने ग्रीन एनर्जी को लेकर जो लक्ष्य तय किए हैं, उन्हें हासिल करने में PM E-Drive स्कीम अहम भूमिका निभा सकती है।
बजट का यह ऐलान एक साफ संकेत देता है—भारत अब इलेक्ट्रिक भविष्य की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। 1,500 करोड़ रुपये का निवेश दिखाता है कि सरकार इस सेक्टर को लेकर गंभीर है हालांकि असली असर तब दिखेगा जब ये योजनाएं जमीन पर उतरेंगी। लेकिन इतना तय है कि आने वाले सालों में सड़क पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है अगर यही रफ्तार बनी रही, तो वह दिन दूर नहीं जब EV भारत की सड़कों पर आम नजर आएंगे और पेट्रोल पंप की जगह चार्जिंग स्टेशन ज्यादा दिखेंगे।
Maruti Suzuki has launched a new ‘Aurum Edition’ accessories package for the Victoris midsize SUV.…
F1 heads to the Circuit of the Americas (COTA) this weekend, where championship leader Kimi…
Bajaj has launched the updated Pulsar NS200 at Rs 1.60 lakh (ex-showroom, Delhi), bringing a…
Bengaluru-based electric two-wheeler manufacturer Ultraviolette Automotive plans to introduce four products based on its newly…
Ducati has launched the Formula 73 in India at Rs 20 lakh (ex-showroom). The cafe…
The Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH) has proposed making Advanced Emergency Braking Systems…