कड़ाके की ठंड का कहर: पहाड़ों से मैदान तक लुढ़का पारा, उत्तर भारत में शीतलहर से जनजीवन बेहाल
उत्तर भारत इन दिनों भीषण कड़ाके की ठंड और शीतलहर की चपेट में है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान से लेकर पहाड़ी राज्यों तक तापमान लगातार गिर रहा है। मौसम विभाग के अनुसार कई इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 4 से 6 डिग्री तक नीचे चला गया है। खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान शून्य से नीचे रिकॉर्ड किया गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
पहाड़ों में बर्फबारी, मैदानों में शीतलहर
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी दर्ज की गई है। केलांग, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे क्षेत्रों में तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। बर्फबारी के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं और पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं के कारण शीतलहर का असर तेज हो गया है। सुबह और रात के समय ठंड सबसे ज्यादा महसूस की जा रही है।
दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर इलाकों में इस सीजन की सबसे ठंडी सुबहें दर्ज की जा रही हैं। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। ठंडी हवाओं के चलते “फील लाइक” तापमान और भी कम महसूस हो रहा है। सुबह के समय घना कोहरा भी देखने को मिल रहा है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है। कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं और उड़ानों पर भी असर पड़ा है।
उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में कड़ाके की ठंड का प्रकोप
उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में ठंड का असर साफ दिखाई दे रहा है। कई जिलों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री तक नीचे दर्ज किया गया है। बिहार में भी ठंडी हवाओं के साथ शीतलहर जारी है, जिससे गरीब और बेघर लोगों के लिए स्थिति गंभीर बनती जा रही है।
राजस्थान के चूरू, सीकर और फतेहपुर जैसे इलाकों में पारा तेजी से गिरा है। चूरू में तापमान 0 डिग्री के आसपास पहुंच गया, जो राज्य के सबसे ठंडे इलाकों में गिना जा रहा है।
जनजीवन पर असर
तेज ठंड का असर रोजमर्रा की जिंदगी पर साफ दिखाई दे रहा है। सुबह-सुबह बाजारों में सन्नाटा पसरा रहता है। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम हो गई है और कई राज्यों में प्राथमिक कक्षाओं के समय में बदलाव किया गया है। दिहाड़ी मजदूरों, बुजुर्गों और छोटे बच्चों के लिए यह मौसम सबसे ज्यादा परेशानी भरा साबित हो रहा है।
सरकारी और सामाजिक संस्थाएं जगह-जगह अलाव जलाने और कंबल वितरण की व्यवस्था कर रही हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना से इनकार किया है। विभाग के अनुसार उत्तर भारत में उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं लगातार सक्रिय हैं, जिससे तापमान में और गिरावट हो सकती है। कई राज्यों में शीतलहर को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से पहाड़ों में बर्फबारी जारी रह सकती है, जिसका असर मैदानी इलाकों में ठंड के रूप में दिखाई देग
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, उत्तर भारत इस समय ठंड की गंभीर लहर से जूझ रहा है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए आने वाले दिन भी चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है। सरकार और प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी एक-दूसरे की मदद के लिए आगे आना चाहिए, ताकि इस भीषण ठंड का सामना सुरक्षित तरीके से किया जा सके।
