भारत में सब्जी उत्पादन से जुड़े किसानों के लिए एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। देश के कृषि वैज्ञानिकों ने Cherry Tomato New Variety स्वदेशी जैव-फोर्टिफाइड चेरी टमाटर की नई किस्म विकसित की है, जिसे ग्रीनहाउस या पॉलीहाउस के बिना, खुले खेतों में भी सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है। इस किस्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें उच्च पोषण तत्व, बेहतर स्वाद और अच्छी बाजार मांग तीनों एक साथ मिलते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार यह किस्म कम लागत में अधिक मुनाफा देने की क्षमता रखती है, जिससे छोटे और मध्यम किसान भी चेरी टमाटर की खेती की ओर आसानी से कदम बढ़ा सकते हैं।
अब तक Cherry Tomato New Variety की खेती को महंगी और केवल संरक्षित खेती (ग्रीनहाउस) तक सीमित माना जाता था। लेकिन इस नई भारतीय किस्म ने यह धारणा तोड़ दी है। यह किस्म खुले खेत की जलवायु में भी स्थिर उत्पादन देती है और सामान्य टमाटर की तुलना में कम देखभाल में तैयार हो जाती है। पौधों में रोग सहनशीलता बेहतर पाई गई है, जिससे कीटनाशकों पर खर्च भी कम होता है।
यह चेरी टमाटर किस्म जैव-फोर्टिफाइड है, यानी इसमें विटामिन-C, एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स सामान्य किस्मों की तुलना में अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। इसी वजह से शहरी बाजारों, होटल, रेस्टोरेंट और प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। छोटे आकार के बावजूद इसका स्वाद मीठा और आकर्षक रंग वाला होता है, जो सीधे ग्राहकों को पसंद आता है।
अगर मंडी कीमतों की बात करें तो वर्तमान में प्रमुख शहरों की सब्जी मंडियों और थोक बाजारों में चेरी टमाटर का भाव सामान्य टमाटर से 2 से 3 गुना अधिक देखने को मिल रहा है। जहां सामान्य टमाटर 10–20 रुपये प्रति किलो बिक रहा है, वहीं चेरी टमाटर 40 से 80 रुपये प्रति किलो तक आसानी से बिक जाता है। सुपरमार्केट और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इसकी कीमत और भी ज्यादा रहती है। ऐसे में यह नई किस्म किसानों के लिए आय बढ़ाने का मजबूत विकल्प बन सकती है।
केंद्र और राज्य सरकारें सब्जी उत्पादन और बागवानी को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। राष्ट्रीय बागवानी मिशन और राज्य बागवानी योजनाओं के तहत टमाटर व अन्य सब्जियों की खेती के लिए बीज, ड्रिप सिंचाई और तकनीकी मार्गदर्शन पर सब्सिडी दी जाती है। इस नई चेरी टमाटर किस्म को अपनाने वाले किसान इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी लागत और भी कम कर सकते हैं।
इस किस्म के आने से खासतौर पर छोटे किसानों को फायदा होने की उम्मीद है, क्योंकि उन्हें महंगे ग्रीनहाउस में निवेश नहीं करना पड़ेगा। कम क्षेत्र में अधिक मूल्य वाली फसल उगाकर किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। साथ ही, स्थानीय बाजारों के अलावा सीधे रिटेल चेन या होटल सेक्टर से जुड़कर बेहतर दाम मिल सकते हैं।
अगर आप सब्जी खेती करते हैं तो अपने नजदीकी कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से इस नई चेरी टमाटर किस्म की जानकारी लें।
बीज उपलब्धता, बुवाई का सही समय और पोषण प्रबंधन के बारे में विशेषज्ञों से सलाह लें।
मंडी के बजाय डायरेक्ट मार्केटिंग या स्थानीय रिटेल नेटवर्क से जुड़ने की कोशिश करें।
सरकारी बागवानी योजनाओं में आवेदन कर सब्सिडी और तकनीकी सहायता जरूर लें।
कुल मिलाकर, यह स्वदेशी चेरी टमाटर किस्म भारतीय किसानों के लिए कम लागत, ज्यादा मुनाफे और सुरक्षित खेती की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
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