Gold-Silver Rates: चांदी 1.91 लाख सस्ती, सोना भी गिरा – क्या फिर रिकॉर्ड हाई आएगा

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Gold-Silver Rates में आई ताजा गिरावट ने बाजार और आम खरीदार दोनों को चौंका दिया है। कुछ समय पहले तक जो चांदी तेजी से रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ रही थी, अब उसमें भारी नरमी देखी जा रही है। सोने की कीमतें भी दबाव में हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है क्या यह सिर्फ अस्थायी गिरावट है या आगे फिर से रिकॉर्ड हाई बनने वाला है?सर्राफा बाजार के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय संकेतों और डॉलर की मजबूती का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। निवेशक भी फिलहाल थोड़ा सतर्क नजर आ रहे हैं, जिसकी वजह से दामों में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है।

Gold-Silver Rates: चांदी में बड़ी गिरावट

अगर चांदी की बात करें तो हाल के दिनों में इसमें करीब 1.91 लाख रुपये प्रति किलो तक की बड़ी नरमी दर्ज की गई है ऊंचे स्तर से तुलना करें तो। यह गिरावट इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि पिछले महीनों में चांदी ने जबरदस्त रैली दिखाई थी।एक्सपर्ट्स का मानना है कि इंडस्ट्रियल डिमांड में हल्की सुस्ती और मुनाफावसूली इसकी बड़ी वजह हो सकती है। कई बड़े निवेशकों ने ऊंचे दाम पर मुनाफा बुक किया, जिससे बाजार में सप्लाई बढ़ी और कीमतों पर दबाव आ गया हालांकि ज्वेलर्स का कहना है कि जैसे ही दाम गिरते हैं, रिटेल खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ जाती है। शादी-ब्याह के सीजन से पहले यह गिरावट बाजार में नई मांग भी पैदा कर सकती है।

सोना भी टूटा, लेकिन घबराने की जरूरत है

Gold-Silver Rates की बात करें तो सोना भी इस गिरावट से अछूता नहीं रहा। सोने के दाम में भी अच्छी-खासी कमजोरी देखी गई है। हालांकि यह गिरावट उतनी बड़ी नहीं है जितनी चांदी में, लेकिन निवेशकों के लिए यह एक संकेत जरूर है कि बाजार अभी स्थिर नहीं है विशेषज्ञों के मुताबिक, जब डॉलर मजबूत होता है और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो सोने पर दबाव बनता है। क्योंकि ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित विकल्पों से निकलकर दूसरे एसेट्स की ओर जा सकते हैं।फिर भी, लंबी अवधि के नजरिए से सोना अभी भी मजबूत माना जा रहा है। महंगाई और वैश्विक अनिश्चितता जैसे फैक्टर इसे सपोर्ट देते रहते हैं।

क्या यह खरीदारी का सही मौका है

यह सवाल अभी हर निवेशक के मन में है। Gold-Silver Rates में आई गिरावट को कई एक्सपर्ट “बाय ऑन डिप” यानी गिरावट पर खरीदारी का मौका बता रहे हैं।अगर आप लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो धीरे-धीरे खरीदारी करना समझदारी हो सकती है। एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय हिस्सों में निवेश करने की सलाह दी जा रही है, ताकि बाजार के उतार-चढ़ाव का असर कम पड़े ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए भी यह समय फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि ऊंचे स्तर से नीचे आए दाम बजट को थोड़ा राहत देते हैं।

फिर रिकॉर्ड हाई बनाएंगे दाम

अब सबसे बड़ा सवाल क्या Gold-Silver Rates फिर से रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकते हैं? बाजार के जानकार इस संभावना से इनकार नहीं कर रहे अगर वैश्विक तनाव बढ़ता है, महंगाई काबू में नहीं आती या शेयर बाजार में बड़ी गिरावट होती है, तो निवेशक फिर से सोने-चांदी की ओर भाग सकते हैं। ऐसी स्थिति में दाम तेजी से ऊपर जा सकते हैं।इसके अलावा भारत में त्योहारों और शादी के सीजन के दौरान मांग बढ़ना लगभग तय माना जाता है। यह भी कीमतों को सपोर्ट दे सकता है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत

फिलहाल संकेत साफ हैं बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसलिए जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना बेहतर होगा। Gold-Silver Rates भले अभी नीचे दिख रहे हों, लेकिन यह गिरावट लंबे समय तक रहेगी या नहीं, यह पूरी तरह वैश्विक हालात पर निर्भर करेगा समझदारी इसी में है कि बाजार पर नजर रखें, छोटे-छोटे अंतराल में निवेश करें और अफवाहों के बजाय ठोस जानकारी के आधार पर फैसला लें कुल मिलाकर, चांदी की बड़ी गिरावट और सोने की नरमी ने खरीदारों को मौका जरूर दिया है। अब देखना यह है कि यह मौका कितना लंबा टिकता है क्योंकि अगर ट्रेंड पलटा, तो वही दाम फिर नए रिकॉर्ड बनाते नजर आ सकते हैं।

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